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आम चखने की जल्दबाजी पड़ सकती है महंगी
July 1, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Muzaffarnagar


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। फलों का राजा आम फिलहाल आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। वजह यह है कि उत्पादक व ठेकेदार आम पकाने के लिए कार्बाइड का प्रयोग कर रहे हैं। कार्बाइड से एसिटिलीन गैस निकलती है जो फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक है। दस्त व उल्टी की शिकायत भी हो सकती है।
आम बेल्ट के नाम से मशहूर क्षेत्र में अगेती प्रजाति का आम लगभग मेच्योर हो चुका है। ऊंचे रेट के चक्कर में उत्पादक व बागान ठेकेदारों ने आम को तोड़कर फटाफट पेटियों में पैक कर बाहरी मंडियों को सप्लाई करना शुरू कर दिया है। आम को पकाने के लिए फिलहाल कार्बाइड नामक रसायन का प्रयोग किया जा रहा है। इस रसायन का थोड़ा सा टुकड़ा आम की पेटी में डाल दिया जाता है। इससे निकलने वाली एसिटिलीन गैस से आम दो या तीन दिन के भीतर पक जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह के मुताबिक कार्बाइड से पका आम सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। एसिटिलीन गैस सीधे फेफड़ों पर असर डालती है। ज्यादा कार्बाइड पड़ने पर आम में गांठ सी बन जाती है। ऐसा आम खाने से उल्टी व दस्त भी हो जाते हैं।इथरेल का करें प्रयोग, नहीं होगा नुकसानहसनपुर। जानकारी के अभाव में ठेकेदार व उत्पादक कार्बाइड का प्रयोग कर रहे हैं। जबकि फिलहाल मार्केट में इससे भी सस्ता, प्रयोग में सुलभ व हानिरहित रसायन इथरेल मौजूद है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह के मुताबिक दो मिली. इथरेल का एक लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर बड़े टप आदि में कर लें। घोल में 5 से 6 मिनट तक आम डुबों दें। इसके बाद पैक कर दें। इससे पका आम पूरी तरह हानिरहित होगा। खास बात यह है कि यह रसायन महंगा भी नहीं है।ग्राहकों को दिया जा रहा चकमाहसनपुर। आम विक्रेता बड़ी ही चालाकी से ग्राहकों का मूर्ख बनाकर ऊंची कीमत पर आम बेच रहे हैं।