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दुनिया में जीने की कला सिखाते हैं गुरु
July 5, 2020 • Havlesh Kumar Patel • poem
डॉ. राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित", शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
 
अज्ञान के तिमिर से निकलकर आलोक देते हैं गुरु।
आत्मा का परमात्मा से मिलन करवाते हैं गुरु।।
 
अविनाशी अविकारी नित्य होते हैं गुरु।
साकार रूप में पथ प्रदर्शन करते हैं गुरु।।
 
शस्त्र व शास्त्र का ज्ञान करा देते हैं गुरु।
दुनिया मे जीने की कला सीखा देते हैं गुरु।।
 
गुरु पूर्णिमा पर करें दर्शन ऐसे गुरुदेव का।
जो ब्रह्मा विष्णु महेश के सम होते हैं गुरु।।
 
भवसागर से पार उतरने की कुंजी देते हैं गुरु।
मोक्ष का दरवाजा दिखा देते हैं गुरु।।
 
गुरु पद की रज है निराली महिमा कही न जाये।
सद्गुणों का भंडार भर देते हैं गुरु।।
 
भवानीमंडी, राजस्थान