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जीवन
June 22, 2020 • Havlesh Kumar Patel • poem

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

तृष्णा और छल-छदम् मिटाओ |
प्रेमभाव अपने हृदय में जगाओ ||
शुष्क मन को पुष्प सा खिलाओ |
राग द्वेष से सब द्वन्द भगाओ ||

छोटी हो या बड़ी बाधा से मत घबराओ |
भर साहस हर बाधा से तुम लड़ जाओ ||
सदाचार अपनाकर नित आगे बढ़ते जाओ |
नफरत की इस दुनिया में प्रेमरंग बरसाओ ||

स्वार्थ को जागने से पहले ही जलाओ |
निस्वार्थ का कर आह्वान उसे बुलाओ ||
मानवता के पथ पर आगे बढ़ते जाओ |
निज जीवन हर्षोल्लास से जीते जाओ ||

वसुन्धरा को नेक कर्मों से स्वर्ग बनाओ |
राष्ट्र हित तन-मन-धन अर्पण कर जाओ ||
अच्छे कर्मों से जग बगिया मंहकाओ |
निर्भय हो जीवन सुखमय जीते जाओ ||

ग्राम रिहावली, डाक तारौली गुर्जर,
फतेहाबाद, आगरा 283111