ALL social education poem OLD miscellaneous Muzaffarnagar UP National interview Himachal
मल्हनी उपचुनाव में बसपा ने खेला ब्राह्मण कार्ड, जय प्रकाश दूबे प्रत्याशी घोषित
October 1, 2020 • Havlesh Kumar Patel • UP


शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। बसपा सुप्रीमों मायावती ने पूर्वांचल की मल्हनी विधानसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में जयप्रकाश दूबे को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस सीट पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारकर मायावती ने ब्राह्मण कार्ड खेलने का मन बनाया है। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और वाराणसी प्रभारी मुनकाद अली ने शम्भूगंज बाजार में आयोजित एक दिवसीय कार्यकर्ता बैठक में जयप्रकाश दूबे को मल्हनी उपचुनाव का प्रत्याशी घोषित किया। जयप्रकाश दुबे सरायबिका मछलीशहर के मूल निवासी हैं और एक विद्यालय के प्रबंधक हैं। 
ज्ञात हो कि मल्हनी विधानसभा सीट सपा विधायक पारसनाथ यादव के कुछ माह पूर्व निधन हो जाने की वजह से खाली हुई थी। अब विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के बाद पार्टियों की ओर से प्रत्याशी चयन की कवायद शुरु हो गई है। ऐनवक्त पर पत्ते खोलने की राजनीति से उलट इस बार मायावती ने सबसे पहले अपना प्रत्याशी घोषित करके इस सीट पर ब्राह्मण कार्ड खेलने का संकेत दे दिया है। इससे पूर्व क्षेत्र में मुख्घ्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पार्टी की ओर से प्रत्याशी चयन को लेकर चर्चा कर चुके हैं। सपा की ओर से भी प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन जारी है। 


बता दें कि उपचुनाव की घोषणा के साथ बसपा सुप्रीमों मायावती के सुर बदलने लगे हैं। अभी तक कई मौंको पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर चुकी बसपा सुप्रीमो ने हाथरस काण्ड़ की आड़ में यूपी की योगी सरकार पर हल्ला बोलते हुए कहा है कि यूपी में सिर्फ मकान तोड़े जा रहे हैं, बहन-बेटियों को न्याय दिलाने के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। प्रदेश में कानून नहीं, गुंडों का राज कायम हो गया है। मायावती ने कहा कि बीजेपी राज में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बलरामपुर और हाथरस की घटना ने जनता को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर फरमान जारी हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश में हर तरफ जंगलराज है। यूपी सरकार से हर वर्ग के लोग दुखी हैं। मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि योगी से प्रदेश नहीं संभल रहा है, उन्हें मठ में भेज देना चाहिए। मायावती ने यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग तक कर डाली।