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ऑनलाइन राखी प्रतियोगिता आयोजित
August 3, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Himachal
राज शर्मा,  शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
 
रक्षाबंधन पर्व के शुभ अवसर पर इंडियन पीपल्स एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन राखी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के कईं राज्यों के बच्चों ने भाग लिया व मनमोहक राखियां बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता  5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए रखी गई थी तथा आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2020 रखी गई थी ।
जिला कांगड़ा से अद्वैता गुलेरिया व अद्रिजा गुलेरिया दोनों बहनों ने राखी बनाओ प्रतियोगिता में उत्साह से भाग लेते हुए भारत में बने सामान को प्राथमिकता दिखाई व भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के नारे के प्रसार में अहम योगदान देते हुए दोनों बहनों ने अपने हाथ से राखियां तैयार करके इस बार चीनी निर्मित राखियों का बहिष्कार किया। 
देवांश कश्यप राजगढ़ जिला सिरमौर, दिव्यांजली सिंह जिला सिरमौर नाहन, अक्षिता शर्मा जिला कुल्लू, शिवान्या जुब्बल जिला शिमला, मोनल सिंह पांवटा साहिब जिला-सिरमौर, अंबिका राणा ग्राम कमरउ जिला-सिरमौर, जस्मिका सैन कोटगढ़ जिला-शिमला, परिधि ठाकुर अंजी जिला शिमला, दिपतांश सिंह नाहन जिला- सिरमौर, यतिन शर्मा आनी जिला कुल्लू, वंशिका ठाकुर डींगर किन्नर, पच्छाद जिला-सिरमौर, मानवी माजरा जिला-सिरमौर, रिधि रतन पांवटा-साहिब जिला-सिरमौर, वंशिका कांबोज, शौर्य चौधरी, परिधि चौधरी, आयुष, रिया, प्रियांशी, ध्रुव दत्ता, अनिकेत, आरूष इत्यादि अनेकों बच्चों ने कार्यक्रम को सफ़ल बनाने के लिए प्रतियोगिता में भाग लिया व सुंदर राखियां बनाकर अपनी कला की प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया।
प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अद्वैता गुलेरिया जिला-कांगड़ा, द्वितीय स्थान मोनाल सिंह जिला सिरमौर व तृतीय स्थान दिव्यांजली सिंह नाहन जिला सिरमौर ने प्राप्त किया है। कवि, लेखक, ज्योतिष व समाजसेवक के साथ संस्था के जिला अध्यक्ष राज शर्मा (कुल्लू) ने कहा कि रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस इस प्रकार से आयोजन से बच्चों को अपनी संस्कृति का ज्ञान प्राप्त होता है। यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है। कहा कि यह विश्वास प्रतीक रूप में भले ही रेशम की कच्ची डोर से बंधा है, परंतु भाई-बहन दोनों के मन की भावनाएं प्रेम की एक पक्की डोर से बंधी रहती हैं, जो हर रिश्ते से मजबूत होती है। इस दिन सभी भाई अपनी बहनों की रक्षा करने की शपथ लेते हैं। उन्हाेंने कहा कि हमें इस दिन एक बुराई को त्यागकर एक अच्छे गुण को अपनाना चाहिए। निर्णायक भूमिका शिमला से संस्था सदस्या कल्पना गांगटा ने ख़ूब निभाई व यह भी कहा कि कोरोना काल जैसी कठिन परिस्तिथि में बच्चों का प्रोत्साहन बढ़ाते रहने के लिए ऐसे कार्यक्रर्मों का आयोजन करवाते रहना अति आवश्यक है।
संस्था समन्वयक रविता चौहान ने कहा कि बच्चों ने कई अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करते हुए सुंदर राखियां बनाई। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का पवित्र त्योहार है, इसलिए हमे त्योहारों को प्रेम व पवित्रता के साथ मनाना चाहिए तथा बच्चों का प्रोत्साहन बनाए रखने के लिए उन्हें सर्टिफिकेट देने व प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उपहार देने की बात भी कही।
 
संस्कृति संरक्षक आनी (कुल्लू) हिमाचल प्रदेश