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रिमझिम -रिमझिम 
July 8, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Himachal
प्रीति शर्मा "असीम", शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
 
रिमझिम- रिमझिम
आओ फूहारों।
मीठे गीत सुनाओं फुहारों।
 
प्यारी-प्यासी इस धरती पे।
प्रेम का जल बरसाओं फूहारों।।
 
रिमझिम - रिमझिम
आओं फूहारों।
 
धान के खेत की आस पूजादों।
पपीहे-चातक की प्यास बुझादों।
 
प्रेमी-मन भीगे संग-संग।
पुलकित सपनों को,
आस बंधा दो।
 
रिमझिम रिमझिम 
आओं फूहारों।।
 
मिलन के राग, 
सुनाओं फूहारों।
 
सा -रे -गा -मा को
सुरों में भरके।
मचले मन में,
तरंग उठाओं।
 
बचपन भी ,
भूलकर सारे बंधन।
कहों .......आ के
कागज़ की नाव चलाओं।
 
 
सबकी आंखों में,
उल्लास बन छा जाओं।
सूखी धरा हरी -भरी  कर जाओं।
 
रिमझिम -रिमझिम 
सावन आओं।।
       
नालागढ़, हिमाचल प्रदेश