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सेल्फ स्टडी नोट्स के अच्छे व असरदार तरीके, सेल्फ स्टडी नोट्स को शॉर्ट व सीमित ही रखें
July 20, 2020 • Havlesh Kumar Patel • education

आशीष Kr. उमराव "पटेल", शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

परीक्षा की तैयारी के लिए बनाए गए नोट्स हमेशा ‘short’ और ‘to the point’ ही होने चाहिए, जिनकी मदद से आप परीक्षा के दिनों में कम समय में ही किसी भी विषय के पूर्ण सिलेबस को आसानी से तैयार कर सकें।नोट्स कुछ इस प्रकार होने चाहिए जिनमे आपको पूरे साल की गयी पढ़ाई का निचोड़ मिल सके। इसके लिए आपको साल की शुरुवात से ही नोट्स बनाने होंगे। आपके शिक्षक जो आपको कक्षा में पढ़ाते हैं, सभी अपने अपने विषय में अनुभवी व तजरबेकार होते हैं और वे जो भी कक्षा में पढ़ाते हैं वह सब काफ़ी महत्वपूर्ण होता है और हो सकता है उनमे से कुछ जानकारी आपको किताबों में से भी ना मिल पाए, इसलिए कक्षा में पढ़ाये गए हर महत्वपूर्ण टॉपिक को ज़रूर नोट करें। अपने नोट्स में सिर्फ़ उचित जानकारी ही शामिल करें। लम्बे नोट्स पढ़ने के लिए बोरिंग तो होंगे ही साथ ही इससे पूर्ण सिलेबस तैयार करने के लिए समय की भी कमी हो जाएगी।

सभी इम्पोर्टेंट पॉइंट व टॉपिक को क्रमवार तरीके से नोट करना है ज़रूरी

जैसे कि ऊपर हमने बात की कि कक्षा में अध्यापक जो भी पढ़ाते हैं, वे सब काफ़ी महत्वपूर्ण होता है। इसीके साथ अपने तजरबे के कारण अध्यापक हर महत्वपूर्ण टॉपिक को ऐसे क्रम में बयाँ करते हैं, जिससे छात्रों को याद करने में आसानी रहे, इसलिए हर टॉपिक को सही क्रम में ही नोट करें, ताकि उसे याद करने तथा बाद में दोहराने में आसानी हो।

किताबों में दी गई हर महत्वपूर्ण जानकारी को नोट करें

बेशक आपने सारा साल कितनी भी तैयारी क्यूँ ना की हो, लेकिन इतनी विशाल जानकारी में से बहुत से ऐसे टॉपिक होंगे, जो शायद साल के आखिर में इम्तिहान आने तक हमारे दिमाग से निकल जाएँ। फिर इम्तिहान के दौरान शायद आपके पास इतना समय भी नहीं होगा के आप दोबारा से किताब खोलें और एक एक टॉपिक पढ़ना शुरू करें, इसलिए जब आप कक्षा में या घर में कोई पाठ पढ़ते हैं तो जैसे ही कोई महत्वपूर्ण लाइन या टॉपिक सामने आए तो तुरंत उसे नोट कर लें ताकि बाद में उसे याद करना या दोहराना आपके लिए आसान हो सके।

चार्ट, चित्रण या टेबल का प्रयोग करें व कम से कम टेक्स्ट लिखें

जिन टॉपिक्स को याद करने में मुश्किल होती हो या आपको बोरिंग लगते हों, उनको चार्ट या चित्रण के रूप में नोट करें। लगातार टेक्स्ट पढ़ना काफ़ी बोरिंग हो जाता है, इसलिए अपने नोट्स को interesting बनाने के लिए उनमे चार्ट, चित्रण या टेबल को ज़रूर शामिल करें। जैसे कि अगर आप डीसी जनरेटर की वर्किंग या बनावट के बारे में नोट बना रहे हों तो ज़्यादा लिखने की बजाये सही चिन्हों व लेबलिंग के साथ एक चित्र के रूप में सारी जानकारी दर्शाना, ज़्यादा बेहतर व सुविधाजनक होगा। ऐसे में चित्र पे एक नज़र डालते ही सारी जानकारी आप के दिमाग में आ जाएगी। इसी प्रकार गणित के सभी फोर्मुले एक टेबल के रूप में नोट करने से उनको दोहराना काफी आसान हो जाता है।

सेल्फ स्टडी नोट्स में करें सरल भाषा का उपयोग

याद रखें आप जो नोट्स बना रहे हैं, वे इस तरह होने चाहिए कि जैसे ही आप उनपे एक नज़र डालो। सब कुछ आप के दिमाग में बैठता चला जाए और ये तब ही हो सकता है जब आपके स्टडी नोट्स ‘Easy to understand’ होंगे, यानि उनकी भाषा बिलकुल सरल होगी। किसी भी मुश्किल से मुश्किल टर्मिनोलॉजी को अगर आप थोड़ा सोच कर उसको सरल भाषा में अपने शब्दों में बदलकर लिखते हैं तो उसे याद करने में काफी आसानी होती है।

सेल्फ स्टडी नोट्स हमेशा एक नोटबुक में ही एकत्रित करें

ज़्यादातर विद्यार्थी लूज़ पेपर्स में नोट्स बनाते हैं, जिनको एकत्रित करके क्रमवार तरीके से संभालना मुश्किल हो जाता है। इस लिए एक नोटबुक या डायरी में नोट्स बनाएं, जिसको सँभालने में आपको कोई मुश्किल ना हो। हर विषय के नोट्स को एक अलग नोटबुक में ही लिखें। नोटबुक को आप आसानी से अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हो। इलेक्ट्रॉनिक नोटपैड के इस्तेमाल से बचें। नोट्स सिर्फ़ पेन पेपर की मादा से ही बनाएं, जिससे आपको चीज़ों को याद करने में तो आसानी होगी ही साथ ही नोट्स आपके पास परमानेंट रूप से स्टोर हो जाएंगे।

सेल्फ स्टडी नोट्स को interesting बनाने के लिए थोड़ा आकर्षित रूप दें

जिस प्रकार खाना खाने से पहले अगर देखने में अच्छा लगे तो उसे खाने की लालसा और बढती है, ठीक उसी प्रकार अगर हमारे द्वारा स्टडी नोट्स देखने में आकर्षित होंगे तो उन्हें पढ़ने में भी उतना ही मजा आएगा। दरअसल अच्छी दिखने वाली चीज़ हमेशा हमें आकर्षित करती है, तो क्यूँ ना यही ट्रिक पढ़ाई में भी अजमाया जाए। नोट्स को सुन्दर लिखावट में लिखें। हैडिंग व सब-हैडिंग को गहरे रंग से लिखें, जिससे आप उनको पहली ही नज़र में पढ़ सको। एक टॉपिक के ख़तम होते ही 2 लाइनों का अंतर छोडें और फिर दूसरा टॉपिक शुरू करें। इस तरह नोट्स बनाते समय अगर उपरोक्त बताई कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखा जाए तो आपके द्वारा बनाये स्टडी नोट्स परीक्षा में बेहतरीन नतीजे हासिल करने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। ज़रूरत है तो बस थोड़ी मेहनत और विश्लेषण की।
दो चैप्टर के बीच छोड़ें ब्लैंक पेज 

हमेशा ये जरूर याद रखें की टॉपिक कम्पलीट होने के बाद दूसरा टॉपिक स्टार्ट करने से पहले 4 से 5 ब्लैंक पेज जरूर छोड़ दें, जिससे रिविज़न के समय आने वाली कठिनाई या कुछ इम्पोर्टेन्ट पॉइंट्स या क्वेश्चन आंसर बाद में भी चैप्टर के साथ ही ऐड किये जा सकें।

डायरेक्टर गुरु द्रोणाचार्य आईआईटी-जेईई, नीट & डिफेन्स (NDA & CDS) अकादमी, फाउंडर-डॉक्टर्स अकादमी अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा सहारनपुर मंडल