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श्रीराम काॅलेज में शैक्षिक संस्थानों में आतंरिक गुणवत्ता योजना का निष्पादन विषय पर आयोजित कार्यशाला काचतुर्थ दिन, उद्यान एवं रखरखाव व हरित ऊर्जा एवं रिपेयर मेंटनेंस विषय पर हुई चर्चा
June 25, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Muzaffarnagar

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ़ काॅलिजेज में शैक्षिक संस्थानों में आतंरिक गुणवत्ता योजना का निष्पादन विषय पर आयोजित दो सप्ताह अवधि की कार्यशाला के चतुर्थ दिवस पर श्रीराम गर्ल्स काॅलेज के निदेशक डा0 मनोज धीमान ने उद्यान एवं रखरखाव एवं इलैक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डा0 रोहताश सिंह ने हरित ऊर्जा एवं रिपेयर मेंटनेंस विषय पर पावर पाइंट प्रस्तुति के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जैन गर्ल्स (पीजी) महाविद्यालय की प्राचार्य डा0 पूनम शर्मा रही। 
श्रीराम गर्ल्स काॅलेज के निदेशक डा0 मनोज धीमान ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों में गुणवक्ता की संस्कृति को बढावा देना आज के वक्त की महति आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षा संस्थानों के भीतर मूल भूत ढांचे की गुणवक्ता पर ध्यान देना अति आवश्यक है। चाहे संस्थान के भीतर गैर परम्परागत ऊर्जा श्रोतों से ऊर्जा उत्पादन की बात हो यो कैम्पस के भीतर प्राकृतिक वातावरण इन सभी का सामयिक प्रबन्धन अति आवश्यक है। उन्होने कहा कि संस्थान में सुन्दर बाग बगीचें, पेड-पौधें एवं अलग-अलग प्रकार के फूलों के माध्यम से एक हरित ऊर्जा विकसित होती है, जिससे शिक्षण सस्थानों में आने वाले विद्यार्थियों को शुद्ध वातावरण तो प्राप्त होता ही है, साथ ही मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। किसी भी संस्थान को सुन्दर बनाने में उद्यान के रखरखाव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 


उन्होंने बताया कि लाॅन और गार्डन किसी भी संस्थान का मुख्य आकर्षण का केन्द्र होता है। जिसे देखने के बाद मन में प्रफुल्लता उत्पन्न होती है जिससे हम अपने आप को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करते है। यदि हम प्रकृति से समन्वय बनाये रखते है तो बदले में प्रकृति भी हमें श्वास लेने के लिये शुद्ध वायु एवं आनन्दमय वातावरण प्रदान करती है तथा हमें तनावमुक्त माहौल प्रदान करती है। उन्होने कहा कि प्रकृति निस्वार्थ भाव से माॅं की तरह पोषण करती है। इस समिति का मुख्य उददेश्य महाविद्यालय के लाॅन और गार्डन की देखभाल करना तथा आकर्षक बनाना है। इसी क्रम में उन्होंने आगे बताया कि महाविद्यालय में लाॅन और गार्डन को आधुनिक बनाने के लिये कई तरह के प्लान तैयार किये जा रहे है जिनमें 3 डी स्ट्रक्चर और महाविद्यालय में ज्यादा से ज्यादा पेड-पौधें लगाना है। इस अवसर पर उन्होंने सुझाव देते हुये कहा कि महाविद्यालय में पेड-पौधों तथा प्रकृति को बढावा देने के लिये महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण तथा कर्मचारीगण अपने जीवन के विशेष दिवस पर पौधा रोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहण कर सकते है जिससे आने वाली पीढी को शुद्ध एवं निर्मल वायु प्राप्त होती रहे। 
इस अवसर पर इलैक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डा0 रोहताश सिंह ने कहा कि सूर्य के द्वारा मिलने वाली निशुल्क ऊर्जा का अगर सही प्रबंधन करे तो वह हम सभी के लिये बेहद लाभप्रद है। जिसका हम सही तरह से संचय कर विद्युत ऊर्जा के अभाव एवं बढती कीमतों को कम कर सकते है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आम जनमानस को भी सौर ऊर्जा का सही उपयोग करना चाहिये। 


श्रीराम काॅलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल, श्रीराम काॅलेज निदेशक डा0 आदित्य गौतम, श्रीराम काॅलेज ऑफ़ लाॅ के प्राचार्य डा0 रविन्द्र प्रताप सिंह, श्रीराम काॅलेज आफ इंजीनियरिंग के निदेशक डा0 आलोक गुप्ता, श्रीराम काॅलेज ऑफ मैनेजमेंट के डीन पंकज शर्मा, श्रीराम काॅलेज के एकेडिमिक डीन डा0 विनित शर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार के विभागाध्यक्ष रवि गौतम, कम्प्यूटर एप्लीकेशन विभाग के डीन निशांत राठी, प्रोफेसर नीतू सिंह, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विभागाध्यक्ष विवेक त्यागी, वाणिज्य के विभागाध्यक्ष डा0 सौरभ मित्तल, बेसिक साइंस की विभागाध्यक्ष डा0 पूजा तोमर, बायोसाइंस के विभागाध्यक्ष डा0 सौरभ जैन आदि 100 लोग तकरीबन वेबिनार में उपस्थित रहे।