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श्रीराम काॅलेज में शैक्षिक संस्थानों में आतंरिक गुणवत्ता योजना का निष्पादन विषय पर आयोजित कार्यशाला का 10वां दिन, सांस्कृतिक उत्सव, पर्यटन एवं शैक्षिक भ्रमण विषयों पर हुई चर्चा
July 3, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Muzaffarnagar

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलिजेज में गत 2 सप्ताह से जारी ऑनलाइन कार्यशाला का आज समापन हुआ। समापन सत्र का संयोजन डा0 गिरेन्द्र कुमार गौतम निदेशक श्रीराम काॅलेज ऑफ फार्मेसी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा0 गौतम हाल सहायक प्रवक्ता डीबीएस काॅलेज, कानपुर रहे। अंतिम सत्र में सांस्कृतिक उत्सव तथा पर्यटन एवं शैक्षिक भ्रमण विषयों पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। 
इस अवसर पर डाॅ0 गिरेन्द्र कुमार गौतम ने शैक्षिक भ्रमणो के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि श्रीराम ग्रुप ऑफ कालिजेज के विभिन्न विभागों से शिक्षिक एवं औद्योगिक भ्रमण एवं यात्राओं की आवश्यकता को पूरा करने के लिये एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति टूर आपरेटरों से कोटेशन आमंत्रित करती है तथा समिति अध्यक्ष के अनुमोदन के साथ चयनित स्थान पर टूर की जिम्मेदारी संबधित विभाग के संकाय को दी जाती है। टूर पुरा होने के बाद एक विस्तरित रिपोर्ट भी तैयार की जाती है।

शैक्षिक भ्रमण की उपयोगिता के विषय में बताते हुए कहा कि शैक्षणिक यात्रा बहुत उपयोगी होती है। यह छात्रों को विभिन्न स्थानों को देखने में समर्थ बनाती है। जब वे विभिन्न स्थानों को देखते हैं तब वे बहुत बाते सीखते हैं। शैक्षणिक यात्रा उनके ज्ञान को बढ़ाती है और उनके दृष्टिकोण को उदार बनाती है। प्रत्येक विद्यालय को शैक्षाणिक यात्राओं की व्यवस्था करनी चाहिए। मनोरंजन के माध्यम से सीखना शिक्षा का सबसे अच्छा तरीका है। एक शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों की मानसिक क्षमता में वृद्धि करती है, यही कारण है कि अधिकतर शिक्षण संस्थाऐं शैक्षिक यात्राऐं आयोजित कराते हैं।


इस अवसर पर अतिथि वक्ता डा0 गौतम ने कहा कि शिक्षा का अंतिम उददेश्य छात्रों का सम्रग्र विकास है। इस उददेश्य की प्राप्ति हेतु केवल अध्ययन पर्याप्त नहीं है। उददेश्य को पूरा करने के लिये सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का विभागीय स्तर पर आयोजन किया जाता है। इस प्रकार के आयोजन के लिये उचित योजना निष्पादन बहुत जरूरी है। क्योकि इसके द्वारा हम अपने अनुशासन, प्रबंधन क्षमता, कार्य संस्कृति, टीम भावना और शैक्षणिक स्तर को समाज के आगे प्रस्तुत करते है। 
इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ शैक्षणिक भ्रमण भी जरूरी है। इन भ्रमणो के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान भी मिलता है। दूसरी और उन्होंने महाविद्यालय की सांस्कृतिक आयोजन समिति के कार्य एवं महाविद्यालय में समय-समय पर होने वाले सांस्कृति कार्यक्रम को कुशलता पूर्वक कराने में महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होेंने बताया कि सांस्कृतिक आयोजन समिति निमंत्रित अतिथियों की सूची बनाती है, तथा प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपलेखा, वीडियों और फोटोंग्राफी कराकर अन्य समितियों के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक निष्पादन करती है। कार्यशाला के समापन सत्र में शामिल हुये सभी वार्ताकारों को आनलाइन ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।


इस अवसर पर श्रीराम काॅलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल, श्रीराम काॅलेज निदेशक डा0 आदित्य गौतम, श्रीराम काॅलेज ऑफ फार्मेसी के निदेशक डा0 गिरेन्द्र गौतम, श्रीराम गर्ल्स काॅलेज के निदेशक डा0 मनोज धीमान, श्रीराम काॅलेज ऑफ पोलिटैक्निक निदेशक डा0 अश्वनी, श्रीराम काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक डा0 आलोक गुप्ता, श्रीराम काॅलेज ऑफ मैनेजमेंट के डीन पंकज शर्मा, डा0 अशफाक अली मैनेजमेंट डीन श्रीराम काॅलेज के एकेडिमिक डीन डा0 विनित शर्मा, कृषि विज्ञान की विभागाध्यक्ष डा0 बुशरा अकिल, प्रोफेसर नीतू सिंह, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के विभागाध्यक्ष विवेक त्यागी, वाणिज्य के विभागाध्यक्ष डा0 सौरभ मित्तल, बेसिक साइंस की विभागाध्यक्ष डा0 पूजा तोमर, बायोसाइंस के विभागाध्यक्ष डा0 सौरभ जैन आदि लगभग 100 लोग वेबिनार में उपस्थित रहे।