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श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के कम्प्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग संकाय द्वारा एक दिवसीय ऑनलाइन वैबीनार आयोजित
September 20, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Muzaffarnagar

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज की इकाई श्रीराम काॅलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के कम्प्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग संकाय द्वारा एक दिवसीय ऑनलाइन वैबीनार का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक मशीन लर्निंग यूजिंग पाईथन रहा, जिसमें सेटपा इंफोटेक प्रा0 लि0 रूड़की के तकनीकी विशेषज्ञ साफ्टवेअर ट्रेनर प्रदीप कुमार यादव एवमं मैनेजर चंदन सिंह द्वारा मशीन लर्निंग के विभिन्न तकनीकी गुर सिखाये गये एवं वैबीनार के अंत में छात्रों को फेस-डिटेक्शन यूजिंग मशीन लर्निंग पर प्रोजेक्ट की जानकारी साझा की।  
ऑनलाइन वेबीनार मे कम्प्यूटर सांइस एड इंजीनियरिंग संकाय के द्वितीय, तृतीय एवम् चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढकर हिस्सा लिया। ऑनलाइन वेबीनार के दौरान तकनीकि विशेषज्ञ ने छात्रों को मशीन लर्निंग के महत्व को बडी बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग एक एल्गाॅरिथ्म है, जो कि साॅफ्टवेअर को सही रूप से चलाने में मदद करती है और आउटकमस को बिना किसी प्रोग्रामिंग के पे्रडिक्ट करने में काम आता है। मशीन लर्निंग का सामान्य काम यह होता है कि वह इस तरह की एल्गाॅरिथ्म को बनाए जिससे की वो इनपुट डाटा को ले सके और आसानी से स्टाटिस्टिकल एनालिसिस कर सके। जिससे वह आउटपुट में आने वाला डाटा बता सके और नए डाटा को भी अपडेट कर सके। जो प्रोसैस डाटा माइनिंग और प्रिडिक्टिव मोडेल्लिंग में होता है वही हूबहू मशीन लर्निंग में भी होता है। दोनो में डाटा को पहले पैटर्न में सर्च किया जाता है, उसके बाद प्रोग्राम के हिसाब से उसे लगा दिया जाता है। काफी लोग मशीन लर्निंग से वाकिफ है, क्योंकि लोग इंटरनेट से ऑनलाइन शाॅपिग करते है और शाॅपिग से मिलते जूलते एड को जो लोग देखते हैं वो भी मशीन लर्निंग की मदद से चलता है। ऑनलाइन एड डेलीवेरी में भी कुछ सर्च इंजन जो होते है वो भी मशीन लर्निंग इस्तेमाल करते है। 

इस अवसर पर श्रीराम ग्रुप ऑफ काॅलेजेज, मुजफ्फरनगर के चेयरमेन डा0 एससी कुलश्रेष्ठ ने श्री राम इंजीनियरिंग कॉलेज के कम्प्यूटर सांइस एण्ड इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों का तकनीकी ज्ञान विकसित होता है तथा उनके आत्मविश्वास मे भी वृद्धि होती है। उन्होने बताया कि मशीन लर्निंग मुख्य रूप से एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें कम्प्यूटर जैसी मशीनें अपने आप चीजें सीख जाती है।  इस तकनीक में मशीने मानव दिमाग की तरह ही चीजों को सीखती है और इस प्रक्रिया में उन्हें किसी मानव की मदद की जरूरत नहीं पड़ती है।
  इस अवसर पर श्री राम ग्रुप ऑफ कोलेजेज के चीफ प्लेसमेंट काॅर्डिनेटर एवंम कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो0 पवन गोयल ने कहा कि मशीन लर्निंग में आर्टिफिश्यल इंटेलिजेंस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और फ्रौड को पकडने, स्पैम को फिल्टर करने, थे्रट डिटेशन और नेटवर्क सिकयूरिटी आदि कार्यो में भी इस तरह की टैक्नोलाॅजी का उपयोग किया जा रहा है आने वाले समय में भी इस तरह की तकनीकी आॅनलाइन वैबीनार को सम्पन्न कराने के लिय श्री राम ग्रुप ऑफ कोलेजेज प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज के कम्प्यूटर सांइस के विभागाध्यक्ष प्रो0 पवन गोयल, रूचि राॅय, प्रीयम त्यागी, देवेश मलिक, आदित्य सैनी, रवि कुमार आदि प्रवक्तागण का सहयोग रहा।