ALL social education poem OLD miscellaneous Muzaffarnagar UP National interview Himachal
तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह में डोर-टू-डोर पोषाहार वितरण का रोस्टर जारी
September 21, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Muzaffarnagar

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा बताया कि सितम्बर माह में तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन दिनांक 07 सितम्बर से 30 सितम्बर 2020 तक किया जा रहा है। पोषण माह का आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को जड से मिटाना है। सर्वप्रथम गम्भीर तीव्र कुपोषित बच्चो की प्रारम्भिक पहचान आवश्यक है, जिससे प्रारम्भिक उपचार के माध्यम से गम्भीर परिणामो से बचाव किया जा सके। गम्भीर अतिकुपोषित बच्चो को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय में भेजकर उपचार उपलब्ध, कराना तथा परामर्श के माध्यम से उन्हे ऊपरी आहार, स्वच्छता, टीकाकरण के लिये माताओ को आंगनबाडी कार्यकत्री एवं आशा बहनो द्वारा प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होने बताया कि बच्चे के जीवन में उसके 1000 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते है। बच्चे के माता के गर्भ में आने से दो वर्ष पूर्ण करने तक उसके स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, क्योकि बच्चे का 80 प्रतिशत मानसिक, बौद्धिक विकास इसी समय होता है। यदि इस आयु में बच्चे के खाने-पीने, टीकाकरण स्वास्थ्य का ध्यान नही रखा जाता है तो बच्चे के मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास बाधित होता है और बच्चा अपने साथ के बच्चो में पिछडा रह जायेगा, इसके लिए जरूरी है कि बच्चे को जन्म के एक घण्टे के अन्दर अनिवार्य रूप से मां का दूध दें। जन्म के 06 माह तक बच्चे को केवल स्तनपान तथा दो वर्ष तक सतत् स्तनपान करायें। 06 माह की आयु पूर्ण करने के पश्चात ऊपरी आहार बच्चे को देना शुरू करें। उम्र के साथ बच्चे को दिये जाने वाले भोजन का गाढापन और मात्रा बढायें। स्तनपान के साथ ऊपरी आहार से बच्चे के कुपोषण के स्तर में कमी आती है। अतएव स्तनपान कराने में माताओ को सहयोग तथा बढावा दिया जाना चाहिए। मां के दूध से शिशु को उच्च गुणवत्ता वाली ऊर्जा एवं पोषक तत्व प्राप्त होते है। मां का दूध शिशु के व्यापक विकास मानसिक विकास के लिये जरूरी है। यह शिशु को डायरिया निमोनिया, कुपोशण से बचाने के लिए एवं उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त आवश्यक है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बच्चो, गर्भवती, धात्री माताओ एवं किशोरियो के भोजन में सभी सूक्ष्म पोषक तत्व, विटामिन, केे लिए पोषण वाटिका को बढावा दिया जा रहा है, इसके लिए जनपद में पंचायती राज, उद्यान, कृषि एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से आंगनबाडी केन्द्रो प्राइमरी विद्यालय ग्राम सभा की उपलब्ध जमीन पर पोषण वाटिका बनायी जा रही है। आंगनबाडी कार्यकत्रियो द्वारा जनपद में कुपोषित एवं अतिकुपोषित, गर्भवती धात्री महिलाओ के घर, आंगन एव छत पर जगह की उपलब्धता के अनुसार पालक, बैंगन, टमाटर, धनिया, मूली एवं गाजर, सहजन, आंवला, पपीते के पौधे लगावाये जा रहे है। जनपद के सभी केन्द्रो पर आंगनबाडी कार्यकत्रियो द्वारा गृहण भ्रमण कर बच्चो का वजन लिया जा रहा है तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सैम एवं अतिकुपोषित बच्चो को चिन्हित किया जा रहा है। जनपद में माह सितम्बर, 2020 में डोर-टू-डोर पोषाहार वितरण की तिथियां विकास खण्डवार निर्धारित कर दी गयी है।
1 जानसठ 255 दिनांक 22.09.2020 से 24.09.2020 तक दिनांक 25.09.2020 से 28.09.2020 तक
2 पुरकाजी 184 दिनांक 22.09.2020 से 24.09.2020 तक दिनांक 25.09.2020 से 28.09.2020 तक
3 सदर 264 दिनांक 28.09.2020 से 30.09.2020 तक दिनांक 01.10.2020 से 03.10.2020 तक
4 बघरा 215 दिनांक 23.09.2020 से 25.09.2020 तक दिनांक 26.09.2020 से 29.09.2020 तक
5 चरथावल 203 दिनांक 28.09.2020 से 30.09.2020 तक दिनांक 01.10.2020 से 03.10.2020 तक
6 खतौली 268 दिनांक 28.09.2020 से 30.09.2020 तक दिनांक 01.10.2020 से 03.10.2020 तक
7 मोरना 219 दिनांक 22.09.2020 से 24.09.2020 तक दिनांक 25.09.2020 से 28.09.2020 तक
8 बुढाना 246 दिनांक 28.09.2020 से 30.09.2020 तक दिनांक 01.10.2020 से 03.10.2020 तक
9 षाहपुर 184 दिनांक 23.09.2020 से 25.09.2020 तक दिनांक 26.09.2020 से 29.09.2020 तक
10 षहर 236 दिनांक 22.09.2020 से 24.09.2020 तक दिनांक 25.09.2020 से 28.09.2020 तक
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषाहार वितरण रोस्टर जारी करते हुए सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं मुख्य सेविकाओ को इस सम्बंध मे आदेश जारी किये जा चुके है। बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाओ एवं आंगनबाडी कार्यकत्रियों को यह दायित्व सौंपा गया है कि वह अपने स्तर से समस्त क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों ब्लाॅक प्रमुख एवं सभासद को रोस्टर की सूचना देते हुए पोषाहार वितरण करना सुनिष्चित करेंगे। आंगनबाडी कार्यकत्री द्वारा आंगनबाडी केन्द्रो पर पोषाहार प्राप्त होने के पश्चात जारी रोस्टर के अनुसार निर्धारित तिथि को वितरण व्यवस्था से सम्बंधित सभी गाइड लाईन्स जैसे-सोशल डिस्टेंन्सिग (जिसमें लाभार्थियों के बीच में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य रहे) का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। आंगनबाडी कार्यकत्रियों एवं लाभार्थियों द्वारा मुंह ढंकने हेतु मास्क, दुपट्टे, गमछे का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाएगा। प्रत्येक घण्टे मे कम से कम 20 सेकेण्ड तक साबुन से हाथ धोया जायेगा। इस दौरान, आंख, नाक व मुंह को नही छुआ जाएगा। अनावश्यक भीड एकत्रित नही की जाएगी। इस कार्य में कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करेंगे। किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नही होगी।