ALL social education poem OLD miscellaneous Muzaffarnagar UP National interview Himachal
उजास 
June 29, 2020 • Havlesh Kumar Patel • Himachal
प्रीति शर्मा "असीम", शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।
 
मैं तुम में, 
तुम मुझ में, 
एक  उजास  हो।
 
मैं तिमिर हूँ, घना-घना।
तुम  मेरा प्रकाश हो।।
 
मैं तुम में, 
तुम मुझ में, 
एक उजास हो।
 
मैं भटक रहा हूँ।
जिस लिए ,
तुम ही तो ..वो तलाश  हो।
 
इस  मानव देह  की  नही।
तुम आत्मा की  प्यास  हो।
 
मैं तुम में, 
तुम मुझ में, 
एक  उजास है।
 
कैसे कह दूं ,
तू दिल में  है।
मेरी सोच से भी, 
 वो परे कहां है।
 
मेरी सांस -सांस  ,
 क्यों ....बेचैन है।
आँखों को बरसों से, 
किस की  तलाश  है।
 
जो जीवन की ,
नित-नूतन आस है।
 
सारी कायनात में, 
जिस से प्रकाश है।
 
तू ही तो, सब का उजास है।
 
नालागढ़ हिमाचल प्रदेश