ALL social education poem OLD miscellaneous Muzaffarnagar UP National interview Himachal
यूपी विधानसभा उपचुनाव में आठों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी बसपा, मायावती दिखाएंगी ताकत
September 25, 2020 • Havlesh Kumar Patel • UP
शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। बसपा विधानसभा उपचुनाव में आठों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उम्मीदवारों के चयन और उनके नामों की घोषणा की जिम्मेदारी सेक्टर प्रभारियों को दी गई है। उपचुनाव के लिए खाली हुई सीटों में छह भाजपा और दो सपा की हैं। बसपा का मानना है कि उप चुनाव में कामयाबी मिलने पर 2022 के आम चुनाव की तैयारी के लिए भाजपा विरोधी दलों के बीच अपनी हैसियत बताने का आधार मिल जाएगा।
अमूमन उप चुनाव न लड़ने वाली बसपा विधानसभा उपचुनाव की आठों सीटों पर उम्मीदवार उतार कर अपनी की साख की परख करना चाहती है, जिससे कमियों को दूर करते हुए 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ मैदान में उतर सके। यूपी में भाजपा के बाद नंबर दो की पार्टी होने का दावा सपा और बसपा दोनों कर रही हैं। विधानसभा में बसपा से अधिक सदस्य संख्या सपा के पास है इसीलिए बसपा सुप्रीमो चाहती हैं कि विधानसभा उपचुनाव मजबूती से लड़ा जाए। बसपा सुप्रीमो का मानना है कि उप चुनाव में मिलने वाली सीट से जनाधार मजबूत होने की पुष्टि होगी। इसके आधार पर वह कह सकेंगी कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी में बेहतर प्रदर्शन किया और अब विधानसभा चुनाव में भी आगे रही।
यूपी में फिरोजाबाद की टूंडला, रामपुर की स्वार, उन्नाव की बांगरमऊ, जौनपुर की मल्हनी, देवरिया की सदर, बुलंदशहर, कानपुर की घाटमपुर और अमरोहा की नौगावां सीट पर उप चुनाव होना है। बसपा ने घाटमपुर से पूर्व जिला अध्यक्ष कुलदीप शंखवार को उतारने का मन बना चुकी है। कुलदीप शंखवार तीन बार कानपुर देहात के जिला अध्यक्ष रहे हैं और बसपा सरकार में जोनल कोआर्डिनेटर भी थे। इसी तरह जोनपुर की मल्हनी सीट से उम्मीदवार का नाम तय किया जा चुका है, इसकी घोषणा भी जल्द किए जाने की संभाना है।
मायावती इन दिनों दिल्ली में बैठक कर रही हैं। मंडलवार सेक्टर प्रभारियों को लगातार दिल्ली बुलाया जा रहा है। अधिकतर मंडलों की बैठकें हो चुकी हैं। बसपा सुप्रीमों इन बैठकों में संगठन के पुनर्गठन और उसके विस्तार की चर्चा के साथ विधानसभा उप चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मायावती इसी बैठक में उप चुनाव के लिए उम्मीदवारों का नाम तय करते हुए सेक्टर प्रभारियों को इसकी घोषणा की जिम्मेदारियां दे रही हैं।