पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ का दो टूक: खुद मिट जायेंगे सनातन को मिटाने वाले

मदन सुमित्रा सिंघल, शिलचर। भारतीय समाज की मानसिकता में आया ऐतिहासिक परिवर्तन था। उन्होंने कहा कि अब भारतीय समाज को और अधिक सतर्क होकर अपने नेतृत्व का चुनाव करना होगा, क्योंकि यदि गलत चुनाव हुआ तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों तक रहेगा। असम की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ जाति और धर्म के दायरे से बाहर निकलकर वास्तविक चुनौतियों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि असम को ऐसे नेता की जरूरत है, जो यहाँ की जमीनी सच्चाई को समझता हो और उससे लड़ने की क्षमता रखता हो। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति करने वाले नेता समाज को कमजोर कर रहे हैं और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाना है, तो हमें अपने नेता के चरित्र, विचारधारा और संकट से निपटने की क्षमता को ध्यान में रखकर मतदान करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल भजन-कीर्तन और आदर्शवाद से नहीं चलता। उसे एक सशक्त और प्रभावी नेतृत्व की जरूरत होती है, जो चुनौतियों का सामना कर सके और देश को वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा कर सके। 

मंचासीन अतिथियों में हिंदीभाषी एवं चाय जन समुदाय मंच के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष अधिवक्ता शांतनु नायक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार वैद्य, असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत, मेघालय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जी.डी. शर्मा, भारतीय चाय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक उरांग, महासचिव कंचन सिंह सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित थे। इस आयोजन ने समाज और राष्ट्र निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की और लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण में सही नेतृत्व और जागरूक नागरिकों की भूमिका सबसे अहम होती है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अंजली दीक्षित ने दीप मंत्र एवं स्वस्ति वाचन मंत्र प्रस्तुत किया। उपस्थित अतिथियों के स्वागत में बिन्दु सिंह, क्रांति भारती, बीनापानी मिश्रा, किरण त्रिपाठी, सविता जायसवाल, सुपर्णा तिवारी ने सामूहिक रुप से हनुमान चालिसा का पाठ किया और स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया। मेघा कानु द्वारा गणेश वंदना पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति अद्भुत थी। संगठन द्वारा पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ को मानपत्र, जापी, असम की समृद्धि का प्रतीक गैंडा की मूर्ति और शॉल से सम्मानित किया गया। मानपत्र का पाठ मनीष पाण्डेय ने किया। इसके अलावा असम विश्वविद्यालय के कुलपित राजीव मोहन पंत, विश्व हिन्दु परिषद की तरफ से शांतनु नायक, मारवाड़ी समाज की तरफ से समाजसेवी महावीर जैन, हनुमान जैन, राजेन्द्र अग्रवाल, रोजकांदी चाय बागान के महानिदेशक ईश्वरभाई उभाडिया के अलावा कई संगठनों ने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ को सम्मानित किया।

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