गौरव सिंघल, सहारनपुर। भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2082 का स्वागत मोक्षायतन योग संस्थान, नेशन बिल्डर्स एकेडमी और राष्ट्रवंदना मिशन ने इस दिन होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों, इस दिन मानवता के इतिहास में घटी महान घटनाओं, महान संस्थाओं की स्थापना और संपूर्ण मानवता के कल्याण लिए महान भारत के ऋषियों द्वारा दिए गए जीवन आदर्शो के आधार पर उत्साह पूर्वज सांस्कृतिक स्वाभिमान वर्ष के रूप में किया गया। हर किसी के मर्म को गहरे से छूने वाली बात यह थी कि मोक्षायतन योगाश्रम के संस्कारमय वातावरण में सभी लोग परंपरागत भारतीय वेश, मंत्रोच्चार, यज्ञोपचार और योगाभ्यास में लीन दिखे।
अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण के आचार्यत्व में विवेकानंदी पगड़ी में मुख्य यजमान के रूप में स्वयं वैदिक मंत्रोच्चार करते जनपद न्यायाधीश तरुण सक्सेना ने यज्ञोपरांत साधकों और योग शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने में ही सबका हित है इसलिए नए संवत्सर में हम ऐसे लक्ष्य निर्धारित करे जिन से देश का सर्वोन्मुखी विकास हो और इसकी मानवता का कल्याण करने वाली संस्कृति को बल मिले। उन्होंने कहा कि देश और संस्कृति को सुदृढ़ करने का सर्वोत्तम तरीका यहां की आदर्श जीवन शैली और उच्च जीवन मूल्यों को हम अपने जीवन में ढालना है। स्वामी भारत भूषण ने कहा कि आज से शुरू हो रहे योग दिवस कार्यक्रमों का लाभ यज्ञ की सुगंध की तरह सभी तक भेदभाव रहित पहुंचनी चाहिए। संस्थान के योग शिक्षकों और आचार्यों ने कल (आज) प्रात: सात बजे कंपनी बाग प्रदर्शनी स्थल से आरंभ होकर २१ जून तक चलने वाले योगदिवस कार्यक्रमों के लिए सक्रिय रहने का संकल्प लिया। भारतीय नववर्ष को उल्लासपूर्वक मनाने में सामूहिक संकीर्तन, प्रदीप कंबोज व नंद किशोर शर्मा के भजन, अनीता शर्मा और डा अशोक गुप्ता के संबोधन, अमरनाथ और ऋषिपाल सिंह के प्रहसन, शिवम खुशबू और सोनल चौहान की वेदी सज्जा को सभी ने सराहा।