मदन सुमित्रा सिंघल, शिलचर। एम्बुलेंस के अभाव में एक गर्भवती महिला की मौत को लेकर सोनाबारीघाट अस्पताल के सामने तनाव पैदा हो गया है। उत्तेजित भीड़ ने सिलचर-सोनाईपुर मार्ग को जाम कर दिया। गुस्साई भीड़ ने 108 मृत्युंजय वाहन में भी तोड़फोड़ की।
बता दें कि जरीना का भाई राएल लस्कर सोनाबारीघाट भाग दो निवासी गर्भवती महिला जरीना बेगम लस्कर को शुक्रवार सुबह करीब छह बजे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आया। एक घंटे बाद ज़रीना ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद, हालांकि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ थे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण जरीना बेगम की हालत बिगड़ गई। करीब 11 बजे जीएनएम और डॉक्टरों ने उसे सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद जरीना के रिश्तेदारों ने एम्बुलेंस की मांग की लेकिन उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली। अस्पताल में पड़े 108 शवों के बारे में अधिकारी बुरी बातें कह रहे हैं। इसके बाद मृत्युंजय ने अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि इसमें ढाई घंटे का समय लगेगा। इस पर वे क्रोधित हो गये। अंततः उन्हें ज़रीना के एक रिश्तेदार की मारुति कार में इलाज के लिए जाने को मजबूर होना पड़ा।
जरीना के भाई राएल ने बताया कि मेडिकल सेंटर पहुंचने के बाद उन्हें करीब ढाई घंटे तक विभिन्न तरीकों से बंधक बनाकर रखा गया। बाद में जब घुंघुर ने पुलिस में जाकर मामले की सूचना दी तो पुलिस ने सोनाई एसडीएमओ से संपर्क किया और जरीना को मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। भर्ती होने के लगभग आधे घंटे बाद उनकी मृत्यु हो गई। फिर शाम करीब 4 बजे जब वे शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल के सामने पहुंचे तो जरीना के परिजन नाराज हो गए। इसके बाद वे अस्पताल में घुस गए और एम्बुलेंस पर हमला कर दिया। इस बीच जब यह स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों तक पहुंचता है तो यह दूसरे स्तर पर पहुंच जाता है। वे आक्रोशित हो गए और शवों को सोनाई रोड पर रखकर जाम लगा दिया। खबर मिलने पर दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, लेकिन वे जाम खुलवाने में असफल रहे। रिपोर्ट लिखे जाने तक नाकाबंदी जारी है।